कब सुधरेगी भारतीय रेल, प्रभुजी कुछ तो कहिये

भारतीय रेलवे की हालत दिन प्रतिदिन बिगड़ती ही जा रही है। देश की जनता को मोदी जी से बहुत उम्मीदें थी कि मोदी के आने से रेलवे के अच्छे दिन आएंगे। अब ऐसा लग रहा है देश के अच्छे दिन अभी दूर है।

Puri Haridwar Train Accident
यूपी के खतौली में हुए रेल हादसे में भी रेलवे की लापरवाही की बात सामने आ रही है। ट्रेन एक ऐसे ट्रैक से गुजर रही थी जिसपर मुरम्मत का काम चल रहा था। हैरानी की बात यह है कि इसकी जानकारी रेलवे के अधिकारियों को नहीं थी। दावा तो यह भी किया जा रहा है के मरम्मत का काम बिना जानकारी के चल रहा था। नियम यह कहता है कि अगर ट्रैक पर कोई समस्या होती है तो इसकी जानकारी देनी होती है।
बताया जा रहा है कि ट्रैक काफी समय से ख़राब पड़ा हुआ था। इसकी जानकारी ट्रैन के ड्राइवर को नहीं दी गयी जिस वजह से वहां से ट्रैन तेज़ गति से गुजरी और पटरी से उतर गयी। पूरी से हरिद्वार आ रही उत्कल एक्सप्रेस के 23 में से 13 डिब्बे पटरी से उतर गए। कुछ डिब्बे तो पास में बने हुए घरों में भी घुस गए जिससे घरों को काफी नुकसान पहुंचा है। इस हादसे में 20-25 यात्रियों के मरने की ख़बर है।

Puri Haridwar Train Accident1
इस मामले में जिस तरह की लापरवाही के बात सामने आ रही है उससे यह साबित होता है के रेलवे विभाग सुधरने की नियत में नहीं है। पिछले महीने ही कैग की रिपोर्ट में रेलवे की कमियों को उजागर किया गया है। कमियों को ठीक करने की बजाये रेलवे ने शताब्दी , राजधानी और दुरंतो में खाने की व्यवस्था को वैकल्पिक कर दिया।
रेलवे बुलेट ट्रैन को लेकर बहुत बड़ी बड़ी बातें कर रहा है मगर यात्री बुनियादी सहूलतों के लिए भी तरस रहे है। ऐसा क्यों होता है सरकारें किसी हादसे के बाद ही जागती है। अगर इस तरह की लापरवाही ना हुई होती तो एक बड़ा हादसा ना होता। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने जाँच के आदेश दे दिए है मगर यात्री कब तक अपनी जान जोखिम में डाल कर सफ़र करने को मजबूर रहेंगे? सवाल बहुत बड़ा है मगर इसका हल अगर मोदी सरकार ने नहीं निकाला तो बीजेपी की हालत कांग्रेस जैसे होती देर नहीं लगेगी।

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